एक प्यारा सा बेटा था, जो घर का सबसे दुलारा था। मां बाप और घरवालों के , वो आखों का तारा था। शैतानी करता मासूमियत से, वो इतना प्यारा था। बचपन से किशोरावस्था में, उसने अब प्रवेश किया। जिंदगी की चुनौतियों को, पहली बार महसूस किया। ।।एक प्यारा सा बेटा था, जो घर का सबसे दुलारा था।। समय का चक्र चलता रहा, वो बच्चा सायना होने लगा। दुनियादारी होती क्या है, उसे समझ आने लगा। धीरे धीरे अपनी मासूमियत, उसे वो खोने लगा। घर की जिम्मेदारियों का , एहसास उसे होने लगा। ।।एक प्यारा सा बेटा था, जो घर का सबसे दुलारा था।। किशोरावस्था के बाद वो, युवावस्था में प्रवेश किया। इस अवस्था में आने पर, उसने बहुत संघर्ष किया। खुद के शौक को मारकर, अपनो को हमेशा खुश किया। अपने घरवालों की जरूरतों का, उसने सब प्रबंध किया। घरवालों के इच्छा से ही, उसने अब विवाह किया। ।।और जिंदगी की दूसरी कहानी यही से शुरू होती है। समय धीरे धीरे बीतता है,लड़के की जिम्मेदारियां बढ़ती है, वो करता भी है, लेकिन एक दिन अकेले में सोच रहा होता है, अपने बचपन को याद करता है।। बच्चा था तो सबका था मैं, पर अब मैं तो बट गया। पहले प्यार सबका मिलता था, वो भी ...
वक्त की थपेड़ों ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है, अब तो गम को भी मैने अपना बनाया है। आसान नहीं ये जिंदगी इस बेदर्द दुनिया में-2 मैंने तो अपना इस प्यारी शराब को बनाया है। लेखिका :- Khushboo Singh सहयोग :- R.S. Sikarwar
एक लड़की एक लड़के से बहुत प्यार करती है, और कुछ दिन इंतजार के बाद अपने प्यार का इजहार कुछ इस तरह से करती है:– आपकी हर बात खास थी, आपकी वो मुस्कान खास थी। आप आए मेरी जीन्दगी में - 2 कसम से वो लम्हा खास थी। लेकिन कहते हैं न की रिश्ते में उतार चढाव होते रहते है, लड़का उस प्यारी सी लड़की से रूठ जाता है, तो लड़की डरते हुए बड़े ही प्यार से अपने दिल का दर्द अपने प्रेमी से बयां करती है थोड़ा ध्यान देना:– मत नाराज हो मुझसे, एक बार मेरी सुन कर तो देखो। कसम है आपको उस मोहकबत की -2 एक बार मेरे दिल की गहराइयों में झाककर तो देखो। लेखिका– Khushboo Singh सहयोग – R.S. Sikarwar
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