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उलझन बेटा और पति की

एक प्यारा सा बेटा था, जो घर का सबसे दुलारा था। मां बाप और घरवालों के , वो आखों का तारा था। शैतानी करता मासूमियत से, वो इतना प्यारा था। बचपन से किशोरावस्था में, उसने अब प्रवेश किया। जिंदगी की चुनौतियों को, पहली बार महसूस किया। ।।एक प्यारा सा बेटा था, जो घर का सबसे दुलारा था।। समय का चक्र चलता रहा, वो बच्चा सायना होने लगा। दुनियादारी होती क्या है, उसे समझ आने लगा। धीरे धीरे अपनी मासूमियत, उसे वो खोने लगा। घर की जिम्मेदारियों का , एहसास उसे होने लगा। ।।एक प्यारा सा बेटा था, जो घर का सबसे दुलारा था।। किशोरावस्था के बाद वो, युवावस्था में प्रवेश किया। इस अवस्था में आने पर, उसने बहुत संघर्ष किया। खुद के शौक को मारकर, अपनो को हमेशा खुश किया। अपने घरवालों की जरूरतों का, उसने सब प्रबंध किया। घरवालों के इच्छा से ही, उसने अब विवाह किया। ।।और जिंदगी की दूसरी कहानी यही से शुरू होती है। समय धीरे धीरे बीतता है,लड़के की जिम्मेदारियां बढ़ती है, वो करता भी है, लेकिन एक दिन अकेले में सोच रहा होता है, अपने बचपन को याद करता है।। बच्चा था तो सबका था मैं, पर अब मैं तो बट गया। पहले प्यार सबका मिलता था, वो भी ...

वक्त की थप्पड़

वक्त की थपेड़ों ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है,  अब तो गम को भी मैने अपना बनाया है। आसान नहीं ये जिंदगी इस बेदर्द दुनिया में-2 मैंने तो अपना इस प्यारी शराब को बनाया है।              लेखिका :- Khushboo Singh               सहयोग :- R.S. Sikarwar 

प्रधानमंत्री मोदी, गोदी मीडीया और विपक्ष : असल सच

 EDGE मोदी-मोदी करते हो तुम, बस मोदी का नाम जपते हो। मानो या ना मानो पर, तुम भी उसी के गोदी में खेलते हो।  गोदी मीडीया कह-कह‌ कर, तुमने उसे बदनाम किए ।  एक प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री का, तुमने बहुत अपमान किए। थोड़ा ध्यान देना यहाँ:- कितना भी प्रयत्न करो, ना झुकने वाला मोदी है।-2 जिसने कब्र तुम्हारी खोदी है, भारत का लाल मोदी है। मोदी-मोदी करते हो तुम , मोदी का नाम जपते हों।  ये जनता का प्यार है, मोदी जीतना तुम न पाओगे।  उनका नाम ले-ले कर, और भी नीचे गिर जाओगे।  उल्टी सीधी हरकत से, कुछ भी कर ना पाओगे।  थोड़ी भीड़ जुटा सकते हो ,पर वो पहचान कहाँ से पाओगे। मोदी-मोदी करते हो तुम, बस मोदी का नाम जपते हों। थोड़ा ध्यान देना यहाँ:- दूर रहो तुम उनसे, नहीं तो तुम मिट जाओगे,  इज्जत से लो नाम उनका, नहीं तो अस्तीत्व भी अपना भुल जाओगे।  मोदी-मोदी करते हो तुम, बस मोदी का नाम जपते हो।                       लेखिका:- Khushboo Singh                       सहयोग:-...

शायरी होली की

 इस वर्ष की होली कुछ शानदार होगी, मेरी हाथों में गुलाल और आपकी चुन्नी लाल होगी, होली के साथ मोहब्बत का रंग भी चढ़ेगा इस बार-2 जब आपके गालों पर गुलाल, मेरी गाल से लगी होगी।                     लेखिका:- Khushboo Singh                      सहयोग:- R.S. Sikarwar 

शायरी प्यार भरा

  आपकी हर बात खास थी, आपकी वो मुस्कान खास थी। आप आए मेरी जीन्दगी में, -02  कसम से वो लम्हा खास थी।                                लेखिका:– Khushboo Singh                                सहयोग:– R.S. Sikarwar                       

"तन्हाई" दर्द भरी शायरी

एक शायरी तन्हाई के ऊपर:– अकेले यहाँ मेरा जी अब लगता नहीं, आपके बिना ये दिन कटता नहीं, बुला लो आप मुझे अपने पास-02 ये तन्हाई अब सहन होती नहीं।                              लेखिका:– Khushboo Singh                              सहयोग:– R.S. Sikarwar 

मेरे दिल का दर्द ( शायरी )

आज मेरे द्वारा लिखी हुई एक दर्द भरी शायरी:– मेरे दिल में कितना दर्द छुपा है, ये सिर्फ मैं जानती हूँ,   मोहब्बत में मुश्किलें कितनी आती है, सब समझाती हूँ, मिले आपको वही जिसे आप चाहो - 02  मिलता है प्यार उन्हें जो खुशनसीब होते है, ये मै मानती हूँ।                                लेखिका:– Khushboo Singh                                सहयोग:– R.S. Sikarwar 

प्यार भरी शायरी

मुझे खीचती है तेरी ओर, छनकाहट तेरे पायल की। कायल तो हूं ही मैं, तुम्हारे हुस्न की–2 अपना लो इस बिट्टू को, बनूंगा काजल तेरे आखों की।                                 लेखिका:– Khushboo Singh                                 सहयोग:– R.S. Sikarwar                                

बेवफ़ा शायरी

आज की शायरी है उत्तर प्रदेश की चर्चित केस आलोक मौर्य के ऊपर ध्यान से देना:– किसी के लिए, अपनी खुशी जाया ना करना। उसे खुश रखने के लिए, खुद को दुखी ना करना। बेवफाई तो उसकी रग–रग में थी–2 ऐसी औरत के लिए अपनी आंसू बर्बाद मत करना।                           लेखिका:– Khushboo Singh                           सहयोग:– R.S. Sikarwar 

रूठा हुआ प्यार ( शायरी )

अगर आपको अपने रूठे हुए प्यार को मनाना है तो तो आप कुछ इस तरह से मना सकती है जैसे एक लड़की मनाती है थोड़ा ध्यान देना:–  🔹मत नाराज हो मुझ से, एक बार नजरे उठा कर तो देख।       अपने इस प्यारे से दिल में एक बार बिठा कर तो देख ॥      यकीन मानिए तुझसे बेशुमार प्यार करती हूं।      भरोसा न हो तो एक बार सच में आजमाकर तो देख ।। लड़की की बात सुनकर लड़के का दिल थोड़ा पिघल जाता है तो लडके का अल्फाज़ कुछ ऐसा होता है:– 🔹बिठा लूंगा तुझे अपने दिल में, तुम मेरा साथ दोगी क्या।      डाल दूंगा हर खुशियां तुम्हारी झोली में,  तुम अपनी खुशियों              शामिल करोगी क्या।।      आजमाने से क्या होता है मेरी जान–2       तुम हमेशा मुझसे ऐसे ही प्यार करोगी क्या। इतना सुनने के बाद वो लड़की भावुक हो जाती हैं और उसके अल्फाज़ कुछ ऐसा होता है – 🔹प्यार तो मैं हमेशा बेपनाह करूंगी।      तुम्हारे हर सुख–दुख में साथ रहूंगी।।      बस दिल में अपनी जगह...

बिहार की आवाम ( शायरी )

 ये बिहार की आवाम है, करना बस इनको आराम है।  मस्ती में रहते है ये, विकास की बाते करना भी हराम है।। नेता हो या अभीनेता यहाँ के, बस जाती पर ही खेलते है। दिल पे हाथ रख कर कहना, बिन जाती के कहाँ ये चलते है। । एक बार बाहर जा कर देखो, बिहारीयों कि क्या मान है।  ना आन-बान है ना शान है, मजदुरी ही पहचान है।। ये बिहार की आवाम है, करना बस इनको आराम है। जाति-जाति करते हो तुम, जाति में सबको फांस दिए।  मुश्किल से एकजुट समाज को, फिर से तुम बाँट दिए।।  जाति की सरकार ढूंढोगे, जाति की पत्रकार।  तब तुम ही बताओ भईया, कहां से पाओगे रोजगार।।  जाति जाति करके वो ,अपना जेब भरते हैं। जो जाति–जाति करते हैं, क्या वो तुम्हारा पेट भरते है।। ये बिहार की आवाम है, बस करना इनको आराम है।  इसी धरती पर माँ सीता आई , इसी धरती पर बुद्ध। इसी धरती से सम्राट अशोक बने, क्या गए हो आप ये भूल।। समय अभी गया नहीं है, करो आप संघर्ष।  तब जाकर ये दुनिया करेगी, आपका चरण स्पर्श।। तब जाकर बदलेगी, लोगो की ये सोच। ये बिहार की आवाम है, ना करना इनको आराम है। बस करना इनको काम है, बढ़ाना अपना नाम है।।...

आपकी मुस्कान खास थी ( शायरी )

 एक लड़की एक लड़के से बहुत प्यार करती है, और कुछ दिन  इंतजार के बाद अपने प्यार का इजहार कुछ इस तरह से करती है:– आपकी हर बात खास थी,  आपकी वो मुस्कान खास थी।  आप आए मेरी जीन्दगी में - 2  कसम से वो लम्हा खास थी। लेकिन कहते हैं न की रिश्ते में उतार चढाव होते रहते है, लड़का उस प्यारी सी लड़की से रूठ जाता है, तो लड़की डरते हुए बड़े ही प्यार से अपने दिल का दर्द अपने प्रेमी से बयां करती है थोड़ा ध्यान देना:– मत नाराज हो मुझसे,  एक बार मेरी सुन कर तो देखो।  कसम है आपको उस मोहकबत की -2  एक बार मेरे दिल की गहराइयों में झाककर तो देखो। लेखिका– Khushboo Singh सहयोग – R.S. Sikarwar 

एक फौजी की प्रेम कहानी (शायरी)

 एक फौजी होते है जो साप्ताहिक छुट्टी पर अपनी पत्नी को बुलाकर कही घूमने का प्लान बनाते है, पर अचानक ड्यूटी में बदलाव के कारण उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ता है , तो अपने दोस्तो से अपना दर्द बयां करते हैं:– सोचा था कि आज यहां से बाहर निकलुंगा। सौराष्ट्र के बहाने उसे यहां बुलाऊंगा। पर क्या करे किस्मत ही अपने साथ नही–02 पता नहीं कैसे अब मैं अपना वादा निभाऊंगा। तो फौजी साहब अपने साथियों के सुझाव के बाद वो पत्नी को सारा बात बताते है,जो बेचारी आधे रास्ते तक वापस आ गई होती है, तब उनकी पत्नी कुछ इस तरीके से अपनी तकलीफ बताती है– घर से निकली थी मैं कुछ इस तरह। मिलूंगी अपने पतिदेव से कुछ उस तरह। पर क्या करे उनकी नौकरी ही कुछ ऐसी है–02 पता नही था कि आधे रास्ते से लौट आऊंगी कुछ इस तरह। लेखिका:– Khushboo Singh सहयोग:– R.S. Sikarwar 

साहिल - साक्षी की प्रेम कहानी

 पता है मैं कौन हूं, मैं साक्षी हूं। मैं वो साक्षी नहीं हूं, जिसकी आप शपथ लेते हो। मैं तो दिल्ली की बेटी वो साक्षी हूं,जिसका बेरहमी से कत्ल कर दिया गया।आज ये साक्षी कुछ कहना चाहती हैं आप सब से, ध्यान से सुनना:- घर से निकली थी बाहर मैं, दिल्ली की सड़को पे। रास्ते में ये सोच रही थी, लोगो को नाज है अपने बेटियों पे। सोच यही रही थी मैं जब, मेरे सामने आया एक इंसान। तू - तू मैं – मैं करने के बाद, बन गया वो हैवान। देखते – देखते ही खंजर से गोद गया वो मेरा जिस्म। दर्द मैं सहती रही, जैसे वाणो की सैया पे भीष्म। माना की वो अब्दुल था, पर देखने वाले कुछ श्याम भी थे। देता रहा वो दर्द मुझे, तड़प रहा मेरा वहा जिस्म था।  साहिल–साक्षी आज चर्चित शीर्षक है,क्युकी बने आपलोग दर्शक थे। मैं हर दर्द को सहती रही,वो शक्ति देने वाले राम थे। ईश्वर को क्या मुंह दिखाओगे, हम ऐसे नपुंसक इंसान थे। अब हिंदू–मुस्लिम से क्या फायदा, जब समय था तो कुछ किया नहीं। बच सकती थी मेरी जान,पर आपने कोशिश किया नहीं। मेरे साथ जो घटित हुआ , अब किसी के साथ न होने देना। मेरे जितना दर्द अब किसी बच्ची को न सहने देना। लेखिका:–  K...

रिस्तो की कड़वाहट ( दर्द भरी शायरी )

 एक लड़का और एक लड़की एक दूसरे से बहुत प्यार करते है, पर अचानक दोनो के बीच अनबन हो जाती हैं तो लड़का गुस्से में बोल देता है, मेरा अब तुमसे प्यार हो गया खत्म। यह सुनकर लड़की टूट जाती है, कुछ इस तरह उसके अल्फाज होते है:-  कैसे तुम बोल दिए प्यार हो गया तुम से खत्म, क्या यही है तुम्हारा कर्म, ना लाज है ना शर्म। अच्छा हुआ तुमने आज तोड़ दिए मेरे भ्रम, मुझे भी आज ये पता चल गया, तू है बड़ा बेशर्म। बच गया तू आज ना पाल तू ये भरम, तुम्हे भी पता है, कैसा है तुम्हारा कर्म। मेरे वजह से आज तू बचा है बेशरम, क्योंकि मेरा दिल और दिमाग बहुत है नरम। तुम्हे कोई और मिलेगी ना रख तू ये भरम, क्योंकि तेरा पाप है चढ़ा सीमा पर चरम। जलते रहना अब खुद में ही करके दिमाग गरम, तू अकेला ही रहेगा, है ऐसे तेरे करम। अभी भी वक्त है सुधर जा, कर ले थोड़ा शर्म, कब तक ऐसे बना रहेगा इस दुनिया में बेशर्म। चला जा तू यह से मेरा दिमाग हो रहा अब गरम, बस मुंह उठा कर बोल दिए प्यार हो गया खत्म।           लेखिका:- Khushboo Singh            सहयोग:- R.S. Sikarwar